03. April 2020

Srikanth Bolla - अंध होने के कारण IIT ने मना किया, बनाई 50 cr. टर्नओवर की कंपनी

spotyourstoryAugust 30, 2017
दोस्तों भगवान उसे रंग बिरंगी दुनिया में तो लाया लेकिन उसकी आंखों की रोशनी देना भूल गया जिससे वह इन रंगों को देख पाता | जिसकी जिंदगी कभी आसान नहीं रही जन्म से ही निराशा के काले बादल उसके जीवन में छाए रहे |

Srikanth Bolla Biography in Hindi । श्रीकांत बोला की जीवनी

दृष्टिहीनता के कारण बचपन से ही Srikanth Bolla को समाज में भेदभाव के व्यवहार का सामना किया । जिसके जन्म लेते ही गांव के लोगों ने उसके माता पिता को सलाह दी थी कि यह बिना आंखों का एक बेकार बच्चा है जो आगे चल कर आप पर ही भूत बनेगा ।

हम बात कर रहे हैं आंध्र प्रदेश में जन्मे Shrikant Bholla कि जिन्होंने हैदराबाद में Bollant Industries के नाम से एक कंपनी शुरू की है । यह कैसी कंपनी है जिसका मुख्य उद्देश्य अशिक्षित और अपंग लोगों को रोजगार देना है । उपभोक्ताओं को पर्यावरण के अनुकूलन पैकेज सोल्यूशन का प्रदान करना है । श्रीकांत ने यह कार्य उन सभी की बातों को झुठला दिया है , जिसको सामाजिक दृष्टि हीन व्यक्ति द्वारा किए जाने को महज एक कल्पना मानता है । यही नहीं इस कंपनी का सालाना टर्नओवर 50 करोड़ से भी ज्यादा का है ।

आज उनके पास कंपनी की चार उत्पादन इकाइयां है एक हुबली कर्नाटक में, दूसरी निजामाबाद तेलंगाना में, तीसरी भी तेलंगाना के हैदराबाद में है और चौथी जो कि सो प्रतिशत सौर ऊर्जा द्वारा संचालित होती है आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में है जो कि चेन्नई से 55 किलोमीटर की दूरी पर है । उनका जन्म भी एक ऐसे निर्धन किसान परिवार में हुआ जिन की वार्षिक आय 20000 से भी कम थी । इसका मतलब यह है कि परिवार के सदस्य को यह भी नहीं मालूम था कि उनको शाम का खाना नसीब होगा भी या नहीं ।

जब श्रीकांत बड़े होने लगे तो उनके किसान पिता उनको अपने साथ खेत में हाथ बताने के लिए ली जाने लगे लेकिन वह उनकी खेती में कोई मदद नहीं कर पाते थे । फिर उनके पिता ने सोचा शायद यह पढ़ाई में अच्छा कर सके इसलिए उन्होंने उनका नामांकन गांव की स्कूल में जो कि उनके घर से लगभग 5 किलोमीटर दूर था उसमें करवा दिया ।

अब रोज श्रीकांत school जाने लगे । ज्यादातर स्कूल का सफर उन्हें रोज पैदल ही तय करना पड़ता था ऐसे वह 2 साल तक स्कूल जाते रहे हैं । वह कहते हैं स्कूल में मेरी कोई भी मौजूदगी को स्वीकार नहीं करता था मुझे हमेशा कक्षा के अंतिम बेंच पर बैठना पड़ता था । मुझे PT की कक्षा में शामिल होने की मनाई थी । मेरी जीवन में वह ऐसा क्षण था जब मैं सोचता था कि दुनिया का सबसे गरीब बच्चा मैं ही हूं और वह भी सिर्फ इसलिए नहीं कि मेरे पास पैसे की कमी है बल्कि इसलिए कि मैं अकेला था । जब उनके पिता को यह धीरे-धीरे अनुभव होने लगा कि उनका बच्चा इसी स्कूल में कुछ नहीं लिख पा रहा है तो उन्होंने श्रीकांत को हैदराबाद के दिव्यांग बच्चों के विशेष विद्यालय में भर्ती करवा दिया ।

Jack Ma -कई बार नोकरी केलिए रिजेक्ट हुए, बाद मै बनाई दुनिया की सबसे बड़ी e-commerce कंपनी

वहा श्रीकांत कुछ ही महीनों के अंदर अच्छा प्रदर्शन करने लगे थे । वहां सिर्फ वो chess और cricket खेलना ही नहीं सीख गए बल्कि इन खेलों में निपुण भी हो गए । कक्षा में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उतना ही नहीं कक्षा में उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के चलते उन्हें एक बार भारत के पूर्व राष्ट्रपति DR. A.P.J. Abdul Kalam के साथ Lead India Project में काम करने का अवसर प्राप्त हुआ था । स्कूल में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें 11वीं कक्षा में विज्ञान विषय का चुनाव करने से मना कर दिया गया । श्रीकांत में दसवीं की परीक्षा आंध्र प्रदेश स्टेट बोर्ड से 90% से ज्यादा अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी लेकिन फिर भी बोर्ड का कहना था कि 11 में दृष्टिहीन बच्चे विज्ञान विषय को नहीं चल सकते ।

श्रीकांत अपने मन में सोचते क्या यह सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं जन्मा अँधा हु । नहीं मुझे लोगों को देखने के नजरिए के द्वारा दृष्टिहीन बनाया गया है । उनके द्वारा विज्ञान विषय के चुनाव को स्वीकृत नहीं दिए जाने के बाद उन्होंने निश्चय किया कि वह इसका विरोध करेंगे । वह कहते हैं मैं 6 महीने तक इसके लिए सरकार से लड़ता रहा और अंत में सरकार ने निर्देश जारी चकिया की मुझे 11:00 में विज्ञान लेकर पढ़ाई करने की अनुमति दे दें । इसके बाद क्या था श्रीकांत ने दिन रात और कठिन परिश्रम के बल पर 12वीं की परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया । लेकिन जिंदगी भी कभी-कभी मजाक कर ढंग से रुकावटों की नकल उतारने लगती है, खासकर उन लोगों के लिए जिनका कोई बड़ा उद्देश्य होता है ।

हर इंसान को जीवन में विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, वह सपने देखता है और उसे असलियत पर उतारने के लिए परिश्रम का सहारा लेता है । हालांकि यह दूसरी बात है कि बस कुछ ही इंसान सफलता की उस लकीर को पार कर पाते हैं । इसके बाद दुनिया उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखती है और श्रीकांत भी उन लकीर को पार करने वालों में से एक है । उन्होंने अपंग लोगों के लिए कुछ रचनात्मक (constructive) करने के दृढ़ संकल्प से दुर्भाग्य की काली घटाओं को हटाकर अपने आपको साबित किया । श्रीकांत जैसे लोग हमेशा दुनिया को यह साबित करके दिखाते हैं कि दृढ़ संकल्प के दम पर कुछ भी किया जा सकता है हम श्रीकांत जैसे लोगों को सलाम करते हैं ।

Sandeep Maheshwari – कॉलेज ड्रॉपआउट होकर मल्टी मिलियन डॉलर कंपनी खड़ी कर दी – Images Bazaar

श्रीकांत के साथ भी ऐसा ही हुआ, 12th के बाद उन्होंने देश के लगभग सभी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन के लिए आवेदन किया लेकिन सभी ने आवेदन यह कहकर लौटा दिया कि आप दृष्टिहीन हैं इसलिए आप IIT के प्रतियोगिता परीक्षा में नहीं बैठ सकते ।
उसके बाद श्रीकांत ने आगे की रस्ते को बड़े ध्यान पूर्वक चुना और इंटरनेट के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया की इनके जैसे लड़कों के लिए कोई इंजीनियरिंग प्रोग्राम उपलब्ध है । इसी क्रम में उन्होंने अमेरिका की कुछ प्रतिष्टित इंजीनियरिंग कॉलेज में आवेदन किया जिसमें से चार कॉलेज ने उनका आवेदन स्वीकार भी कर लिया । ये कॉलेज थे MIT,stanford,berkeley,carnegie mellon और इनमेसे उन्होंने MIT चुना.

जब उनकी की पढ़ाई पूरी हो गई तो मैं अमेरिका में अपने सुनहरे भविष्य को छोड़ भारत लौट आए । यहां उन्होंने शारीरिक रुप से कमजोर लोगों के लिए एक सेवा प्रारंभ की इसमें उन लोगों को पूर्ण विकास हो सके । उन को प्रोत्साहित व मदद की जा सके और सबसे बड़ी बात समाज में उन्हें एक सम्मानजनक स्थान दिलाया जा सके । जब उन्हें यह महसूस हुआ कि यह लोग तो सामान्य जिंदगी जीने लगे हैं लेकिन अपनी प्रतिदिन की जरूरतों के लिए किसी पर आश्रित रहेंगे, उनके रोजगार का क्या होगा । इसलिए उन्होंने पहले दिन ट्रस्ट की स्थापना की जो अभी लगभग 200 से ज्यादा दृष्टिहीन लोगों को रोजगार प्रदान कर उन्हें सम्मान से जीवन जीने का अवसर दे रही है ।

यदि आपके पास Hindi में कोई Article,Story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail (spotyourstory@gmail.com) करें.
यदि आपको ये कहानी पसंद आई हो तो इसे जरुर शेयर करे अपने दोस्तों के साथ और निचे कमेंट करे.

One comment

  • Gossip Junction

    September 25, 2018 at 12:53 pm

    Nice LifeStory about Srikanth Bolla. Thanks for Sharing

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


हमारी स्टोरी

इस ब्लॉग का मिशन है की ऐसी स्टोरीज लोगो तक पहुचाई जाये जिससे लोग पढ़कर प्रेरित हो और उनके जीवन में लक्ष्य प्राप्त करनेका हौसला और बुलंद हो।

इस ब्लॉग मै सफल बिसनेस स्टोरीज, सोशल स्टोरीज, और कई प्रेरणादायी व्यक्तियों जीवन संघर्ष के बारे मै आपको पढ़नेको मिलेगी।

अगर आपके पास भी कोई ऐसी स्टोरी है जो आपको लगता है की ये समाज मै एक अलग अपनी छाव छोड़ सकती है तो आप हमारे साथ जरुर शेयर करे  ताकि हम उस स्टोरी को और लोगो तक पंहुचा
सकें जिससे और लोगो को लाभ हो।

Write Your story to –  spotyourstory@gmail.com


संपर्क करे

कॉल करे



Subscribe करे ब्लॉग को








Categories