04. April 2020

Karsanbhai Patel Biography in Hindi । करशनभाई पटेल - कभी साइकल पर निरमा पाउडर बेचा करते थे, आज बना दी हजारो करोड़ की कंपनी

spotyourstoryNovember 3, 2017
करशनभाई का जन्म 1945 को गुजरात के एक किसान परिवार मै हुआ । उस समय बहोत कम लोग स्कुल के बाद आगे की पढाई करते थे। उन्होंने किसान का बेटा होते हुये भी B.sc की डिग्री प्राप्त कर ली।

Karsanbhai Patel Biography in Hindi । करशनभाई पटेल की जीवनी

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अगर व्यक्ति की सोच बड़ी हो और कुछ करने का जज्बा हो तो यह सोच मायने नहीं रखती की वर्तमान परिस्तिती क्या है। और जिसे पता हो उसकी मंजिल कहा है वो व्यक्ति जिंदगी की तमाम चुनोती और मुश्किलों से निकलकर अपनी सोच और जज्बे को पूरा करकर अपनी मंजिल तक पहुंचता ही है। आज हम जिनके बारे मै बताने वाले है निरमा ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन करशनभाई पटेल (Karsanbhai Patel ) । जो एक समय सायकल पर जाकर निरमा बेचते थे लेकिन आज उनकी संपति लगभग 2500 करोड है।

करशनभाई ( Karsanbhai Patel )  का जन्म 1945 को गुजरात के एक किसान परिवार मै हुआ । उस समय बहोत कम लोग स्कुल के बाद आगे की पढाई करते थे। उन्होंने किसान का बेटा होते हुये भी B.sc की डिग्री प्राप्त कर ली।

उसके बाद अहमदाबाद मै लैब असिस्टंट की सरकारी नोकरी मिल गई। लेकीन वो अपनी नोकरी से खुश नहीं थे। काम करते करते उनके मन मै कुछ बड़ा करने का विचार हमेशा चलता रहता था। तब एक दिन उनकी मन मै ऐसा आयडिया आया की ऐसा डीटरजंट तयार किया जाये जो कम कीमत पर बेहतर धुलाई कर सके। फिर उन्होंने अपनी डिग्री और लैब से मिले अनुभव के बल पर एक ऐसा पीले रंग का पावडर तयार किया जो अच्छी क्वालिटी के साथ ही साथ कम कीमत मै बेचा जा सकता था। फिर उन्होंने अपने घर के पीछे ही पावडर बनाना शुरू कीया। करशनभाई पैकेट भरकर ऑफिस जाते समय सायकल से door to door सप्लाय करते थे और रास्ते मै मिलने वाले लोगो को एक बार खरीदकर इस्तेमाल करने का आग्रह करते और पसंद ना आने पर पैसे वापस करने की guaranty देते ।

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उस समय मार्केट मै मिलने वाली पावडर की कीमत 12 से 13 रुपये प्रति किलोग्राम थी और वो उस समय अपनी पावडर को तीन रूपये प्रति किलोग्राम बेचते थे। बेहतर धुलाई के साथ साथ कम कीमत वाला उनका पावडर हर घर मै पसंद किया जाने लगा और 1969 तक आते आते उनके पावडर की मांग इतनी बढ़ गई की वो अकेले पावडर supply नहीं कर सकते थे । इसलिए उन्होंने अपनी नोकरी छोड़कर एक फैक्ट्री शुरू करने का फैसला किया और उनकी बेटी निरुपमा के नाम से निरमा पावडर मार्केट मै लाया । पहले कम इनकम वाले लोगो की पसंद अब सब लोगो की पसंद बन चुकी थी । उस समय उनका मुकाबला हिंदुस्तान लिवर से था । तब उन्होंने निरमा की Advertisement टीवी और रेडियो पर देना शुरू कर दिया जो उस समय बच्चे बच्चे की जुबान पे था । और 2000 तक निरमा एक ऐसा ब्रांड बन गया की निरमा बाथ, निरमा ब्यूटी सोप और सुपर निरमा डीटरजंट के साथ घर घर मै फेमस हो गया ।

करशनभाई पटेल ( Karsanbhai Patel ) ने शिक्षा के क्षेत्र मै भी योगदान दिया है। उन्होंने अहमदाबाद तथा गुजरात मै बहुत कॉलेज का निर्माण किया है जिन्हें निरमा एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जाता है । करशनभाई पटेल को बहुत सारे पुरस्कारों से सन्मानित किया गया है

उनकी कहानी से पता चलता है “इन्सान अगर चाहे तो अपनी मेहनत से क्या नहीं कर सकता” ।

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