Nikola Tesla Biography in Hindi । एक रहस्यमयी वैज्ञानिक जिनके अविष्कार 100 सदी से आगे थे

spotyourstoryMarch 25, 2018
"कहते है अकेलापन और खाली दिमाग शैतान का घर होता है लेकिन ये इंसान की सोच पर निर्धार करता है की आप एकांत मै क्या विचार करते है । मुझे परवाह नहीं है की उन्होंने मेरे आईडिया चुराये लेकिन मुझे ये चिंता जरुर है की उनके पास खुद के कुछ आईडिया नहीं थे" ।

Nikola Tesla Biography in Hindi । निकोला टेस्ला  की जीवनी

Image Credit : forums.3dtotal.com

जब इलेक्ट्रिसिटी की बात आती है तो सभी लोग एडिसन का नाम लेते है और रेडियो का जिक्र हो तो मार्कोनी नाम आता है लेकिन आज हम ऐसे वैज्ञानिक के बारे मै जानेंगे जिसने अपने आविष्कारो से दुनिया को हमेशा के लिये बदल कर रख दिया। ये बायोग्राफी है निकोला टेस्ला ( Nikola Tesla Biography ) और उनके रहस्यमय आविष्कारो की ।

निकोला टेस्ला ( Nikola Tesla Scientist ) महानतम विज्ञानों मै शुमार है उन्होंने कई ऐसे अविष्कार किये जिनके बिना आजका आधुनिक जीवन संभव नहीं था । उन्होंने अपने वैज्ञानिक जीवन मै कई ऐसे खोजे की है जो अद्वितीय है और इन्ही उपलब्धियों की वजहों से लोग उन्हें एक रहस्यमय वैज्ञानिक मानते है । उनकी सोच और उनके अविष्कार अपने समय से कही आगे थे ।

निकोला टेस्ला का जन्म 10 जुलाई 1856 ( Nikola Tesla Birthdate ) को वर्तमान स्माइलजान, क्रोअशिया में हुआ था । जो उस समय ऑस्ट्रियन राज्य का हिस्सा था । निकोला टेस्ला बचपन से ही अपने बुद्धि से अपने टीचर को प्रभावित करते थे । वो मेंटल कैलकुलेशन मै इतने माहिर थे की पिन पॉइंट एक्यूरेसी के साथ अपने मन मै ही इंटीग्रल कैलकुलस का सवाल हल करते थे । जिनकी वजह से उनके टीचर को लगता की वो चीटिंग कर रहे है । निकोला टेस्ला के पिता एक पादरी थे, वो चाहते थे की निकोला उनके तरह चर्च मै एक पादरी बने । उन दिनों यूरोप मै बच्चों के पास बस दो चॉइस थी की एक तो सेना मै भरती हो जाओ, या चर्च मै पादरी बन जाओ । निकोला टेस्ला को इन दोनों मै कोई दिलचस्पी नहीं थी ।

बचपन मै उन्होंने एक सपना देखा था की वो USA जाके नायगारा फॉल के गतिज उर्जा को इलेक्ट्रिसिटी मै बदल दे । निकोला टेस्ला को इलेक्ट्रिसिटी से प्रेम था ये देखते हुये उनके पिता ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के सबसे बेस्ट इंस्टिट्यूट मै प्राग यूनिवर्सिटी मै दाखिला दिया । यहापर उन्होंने इलेक्ट्रिसिटी के बारे मै मायकल फेरेड़े के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन सिद्धांत का गहराई से अध्ययन किया । उन्होंने मायकल फेरेड़े के सिद्धांतो मै सुधार किया और अपने टीचर से Alternate current use करने की बात की लेकिन टीचर ने निकोला की बेइज्जती की और उनका मजाक उड़ाया ।

और कुछ प्रेरणादायी कहानी :

1880 मै निकोला को सेंट्रल टेलीग्राफ ऑफिस बुढापेस मै नोकरी मिल गई । अमेरिका मै लाइट बल्ब का अविष्कार कर चुके थॉमस एडिसन ( Thomas Edison Inspiring Quotes ) डैरेक्ट करंट ( Direct current ) के डिजाईन को लेकर अमेरिका मै industrial revolution लाना चाहते थे । New york मै अपना पहला Direct current पर पॉवर स्टेशन एडिसन पहले लगा चुके थे । दुनिया के लिए इलेक्ट्रिसिटी उस समय एक जादुई की तरह रहस्यमय थी । जगहजगाह शॉकसर्किट से आग और सडको पर जानवरों को current के झटके लगने से लोगो मै इलेक्ट्रिसिटी के प्रति एक डरावना माहोल था । निकोला टेस्ला महान थॉमस एडिसन से अपने Alternate current के डिजाईन को बताने के लिए काफी उत्साहित थे । 1884 मै तूफानी समुद्री यात्रा करके और एक बंदरगा मै एक भगदड़ मै अपनी जांन बचाते हुये जब निकोला टेस्ला जब New york पहुचे तो उनकी पॉकेट मै सिर्फ 4 cent और लेटर ऑफ़ रिकमेन्डेशन था जिसे Charls bacholer ने निकोला टेस्ला को दिया था, जो थॉमस एडिसन के यूरोप के एसोसिएट मै से एक थे । Charls ने उस लेटर मै लिखा था, My dear Edison i know two great man and you one of them and other is this young man ।

थॉमस एडिसन ( Thomas Edison ) ने जो DC सिस्टम डिजाईन किया था वो बल्ब चलाने और मोटर चलाने मै पर्याप्त था लेकिन लम्बी दुरी तक पॉवर ट्रांसमिशन थॉमस एडिसन नहीं कर पा रहे थे । इस समस्या की हल के लिए एडिसन ने अपने DC डिजाईन मै सुधार के लिए निकोला टेस्ला को काम पर रखा और उनके सफल होने पर उन्हें 50 हज़ार डॉलर देने का वादा किया । उस ज़माने मै ये बहोत बड़ी रकम थी । निकोला ने DC डिजाईन पर काम करने मै शुरू किया । यकींन करना मुश्किल है, निकोला टेस्ला सुबह 10:30 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक रोज काम करते थे यानि 24 घंटो मै 16 घंटे एडिसन के DC प्रोजेक्ट मै लगातार काम करते थे । जब निकोला टेस्ला ने अपना काम सफलतापूर्वक पूरा किया और वो एडिसन के पास गये तो एडिसन को बहुत आश्चर्य हुआ की टेस्ला ने कैसे इतनी बड़ी प्रॉब्लम को कैसे इतनी आसानी से हल कर दी । लेकिन एडिसन ने निकोला टेस्ला को किया हुआ वादा पूरा नहीं किया, उन्होंने उतनी पेमेंट नहीं दी । एडिसन ने टेस्ला को कुछ डॉलर पकड़ा दिये, निकोला टेस्ला उसी वक्त वहासे अपनी हैट उठाते हुये चले गये ।

अब टेस्ला आपने Alternate current की डिजाईन पर काम करना चाहते थे । उन्होंने ग्रुप ऑफ़ इन्वेस्टर के साथ मिलाकर लिबर्टी स्ट्रीट मै अपनी एक लेबोरेटरी खोली । अपने इसी 7 साल पहले इसी मोटर के सपने को उन्होंने इसी लैब मै पूरा किया । इसी साथ जो सभी component AC सिस्टम मै इस्तेमाल होते है जो अभीतक इस्तेमाल किये जा रहे है । इसी लैब मै उसका अविष्कार किया गया । इसी साल उन्होंने 22 अविष्कारों के पेटंट अपने नाम दर्ज किये गये जो AC सिस्टम पर बेस थे पर पिट्स बर्ग के इंडस्ट्रीस्ट जोर्ज वेस्टिंग हाउस ने निकोला के प्रतिंभा को भापा और उन्होंने निकोला टेस्ला को उनके AC डिजाईन के सभी पेटंट 1 मिलिअन डॉलर मै खरीदने का ऑफर दिया जिसे टेस्ला ने स्वीकार किया ।

उनकी सफलता से एडिसन जलकर राख हो गये और एडिसन और टेस्ला के बीच current की लड़ाई शुरू हो गई । एडिसन ने टेस्ला के खिलाफ एक नकारात्मक छवि बनाने की कोशिश की और AC सिस्टम को बहुत खतरनाक बताया जो टेस्ला और वेस्टिंग हाउस कंपनी ने मिलाकर बनाये थे । एडिसन ने लोगो के बीच जाकर जानवरों पर AC current का दुरूपयोग किया जिससे लोगों मै टेस्ला के AC डिजाईन पर सवाल खड़े किये और टेस्ला की नकारात्मक छवि बन गई । एडिसन ने फासी की सजा दी गई कैदी यो को भी AC current के झटके देकर मौत के घाट उतराये । एडिसन के इस कृत्य को आधुनिक मानव सभ्यता का एक कलंक माना जाता है । इसके बावजूद भी टेस्ला और वेस्टिंग हाउस कंपनी ने तरक्की जारी रख्खी ।

अपने बचपन मै देखे गये सपने को टेस्ला ने 1896 मै पूरा किया । नायगारा फाल्स के शक्ति का इस्तेमाल करके उन्होंने एक विशाल इलेक्ट्रिक मोटर और जनरेटर नायगारा फाल्स मै इनस्टॉल किया जिससे इलेक्ट्रिकल युग की शुरुवात की । टेस्ला की AC डिजाईन से अमेरिका मै जगहजगह घर रोशन हो गये, अब ये बिजली और तारो के जरिये लोगों तक पहुचने लगे । current की इस लड़ाई मै निकोला ने एडिसन को मात दी थी और जित हासिल की थी ।

और कुछ प्रेरणादायी कहानी :

निकोला टेस्ला बहुत Handsome और करिश्माई व्यक्तित्व के मालिक थे । वे अपने स्वास्थ के प्रति बहुत सतर्क रहते थे । उनका डिनर New york के बेहतरीन होटल्स मै होता था । बड़े घरानों से उनके संबंध थे । लेकिन निकोला टेस्ला ने कभी जिवन भर शादी नहीं की । टेस्ला की खूबसूरती और प्रसिद्धि से उस ज़माने की कई प्रसिद्ध महिलायों ने निकोला टेस्ला को अपने प्रेम जाल मै फासने की कोशिश की लेकिन निकोला टेस्ला को महिला और शादी मै कोई दिलचस्पी नहीं थी, उनकी दिलचस्पी केवल और केवल नए अविष्कारों मै थी ।

मैक्सवेल की थेरी पर आधारित टेस्ला ने एक device का अविष्कार किया जिसे आज हम tesla coil नाम से जानते है ।

1898 मै उन्होंने लैब मै एक असाधारन प्रयोग किया ऑस्किलेटर मशीन जो बिजली generate करती थी । कहते थे की इस मशीन मै इतनी भयंकर शक्ति थी की लैब मै बिल्डिंग के शीशे तोड़ दिये और आस-पडोस के बिल्डिंग को भारी नुकसान पोहोचाया और इस मशीन को हतोड़े से तोड़कर बंद किया ।

इसके बाद निकोला ने और एक अविष्कार किया और ये ज़माने से 100 साल आगे था । 1898 मै निकोला ने एक बोट बनायीं जो रिमोट कंट्रोल रेडियो सिग्नल ट्रांसमिशन कर के नियंत्रित की जा सकती थी, लोग ये देखके इतने हैरान हुये की उन्हें ये देखकर विश्वास नहीं हुआ, लोगों को लगा टेस्ला कोई जादू का इस्तेमाल कर रहे है, निकोला इसे रेडियो कंट्रोल corpito के रूप मै बेचना चाहते थे पर US मिलिअट्री ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई ।

निकोला टेस्ला बिना वायर के इलेक्ट्रिसिटी ट्रान्सफर करना चाहते थे लेकिन उसे आजतक पूरा नहीं कर सके ।

1923 मै एक खबर आई की निकोला टेस्ला ने एक मशीन develop कर ली है जिसका नाम है ‘डेथ रे’ , ये पार्टिकल बीम का इस्तेमाल करके 200 किलोमीटर दूर तक 10,000 प्लेन को एक झटके मै नष्ट कर सकते है ।

निकोला टेस्ला के यही अविष्कारों को देखकर लोग उन्हें रहस्यमयी मानते थे । उनके नाम 278 पेटंट है इनमेसे कई ऐसे अविष्कार है जो अपने ज़माने से कई आगे थे इसीलिए कई लोग मानते है की उन्होंने टाइम ट्रेवल करने मै सफलता हासिल करली थी । 86 वर्ष की वर्ग मै 1943 मै उनकी मृत्यु  ( Nikola Tesla Death )  हो गई ।

“कहते है अकेलापन और खाली दिमाग शैतान का घर होता है लेकिन ये इंसान की सोच पर निर्धार करता है की आप एकांत मै क्या विचार करते है । मुझे परवाह नहीं है की उन्होंने मेरे आईडिया चुराये लेकिन मुझे ये चिंता जरुर है की उनके पास खुद के कुछ आईडिया नहीं थे” ।

और कुछ प्रेरणादायी कहानी :

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